Monday, 6 January 2014

~मिल ही जाता है~

जीना है तो .....
जीने का बहाना
मिल ही जाता है,
डूबते हुए को....
तिनके का सहारा
मिल ही जाता है,
अकेले रहना चाहो तो...
भीड़ में भी अकेले
रहने का ठिकाना
मिल ही जाता है,
ढूढ़ना चाहो तो...
बेगानों में भी
कोई अपना सा
मिल ही जाता है,
दिल में भक्ति हो तो...
पत्थर में भी भगवान
मिल ही जाता है,
पाना चाहो तो ....
माँ-बाप में ही
चारो धाम
मिल ही जाता है,
विद्वता दिखाना चाहो तो...
मूर्खो का कारंवा
अपने ही आस-पास
मिल ही जाता है,
मिलना हो तो...
गुदड़ी में भी “लाल”
मिल ही जाता है,
किस्मत अच्छी हो तो ....
वीरानों में भी
कोई गड़ा खजाना
मिल ही जाता है,
पारखी नजर हो तो....
कंकड़-पत्थर में भी
“कोहिनूर” हीरा
मिल ही जाता है,
ज्ञान पाने की
अभिलाषा हो तो....
ज्ञानी क्या
मूर्खो से भी ज्ञान
मिल ही जाता है,
मौत लिखी है यदि
किस्मत में हमारी तो ....
उसे भी
कोई ना कोई बहाना
मिल ही जाता है||....सविता मिश्रा

8 comments:

सुशील कुमार जोशी said...

सब मिल जाता है परेशान मत हो !

Savita Mishra said...

sushil bhaiya namste ....aap kah diye to pareshan nahi hote :)

Digamber Naswa said...

मिल तो जाता है सब कुछ पर ऊर्जा अच्छे के लिए ही लगाईं जाए तो अच्छा है ...

Savita Mishra said...

दिगंबर भैया नमस्ते .......आभार आपका ..सही कहा आपने

Dinesh Dave said...

जीना है तो जीने का बहाना मिल ही जाता है .......बहुत खूब ........

Savita Mishra said...

abhar dinesh bhaiya apka

संजय भास्‍कर said...

बहुत ही सुंदर

Savita Mishra said...

संजय भैया बहुत बहुत शुक्रिया