Monday, 16 June 2014

हायकु

१--तम हटाता
पथ प्रदर्शक
पिता हमारा|


२--स्नेह अपार

चुकाए कैसे कर्ज
भाग्य विधाता


३--उऋण कहा
कित्ती भी सेवा करो
पितृ ऋण से|

४--सजल नैन
उठाए डोली कहार
पिता लाडली|

५--द्युति पिता की

फैली चहुँ दिशाएं
मैं रत्ती भर|
  ....
.सविता मिश्रा

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