Wednesday, 30 April 2014

मुक्तक (राजीनति पर)

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सोचा था हमने अपराधी चुनकर नहीं आयेंगे
इस बार हम पर कोई कहर नहीं ढ़ायेंगे
यह महज कोरा भ्रम ही है शायद हमारा
आशंका है कि अपराधी ही फिर जीत जायेंगे|..सविता

4 comments:

सुशील कुमार जोशी said...

प्रार्थना करिये :)

Savita Mishra said...

namste bhaiya ......shukriya
bas kar hi rhe hai ...

Bharadwaj Gwalior said...

prachar par na jakar ummidavar ke bare me apani janakari lekar jis din ham vote dena shuru kar denge usi din sab sudhar jayega.

Savita Mishra said...

सही कहा आपने .......आभार आपका भारद्वाज भाई