Sunday, 21 September 2014

~मिस फायर~

पति-पत्नी में छोटी सी बात पर, बहस इतनी बढ़ गयी कि बसंत ने अलमारी में रक्खी रिलाल्वर निकाल ली| अपनी कनपटी पर तान सुधा को धमकाने लगा| सुधा अनुनय-विनय करती रही पर शराब का नशा सर चढ़ कर बोल रहा था| वह भ्रम में था कि हमेशा की तरह रिवाल्बर चलेगी नहीं,  और विजयी मुस्कान उसके चेहरे पर दौड़ रही होगी| उसका अहम् जीत जायेगा| यही सोच उसने ट्रिगर दबा दिया, पर होनी को कुछ और ही मंजूर था| मिस फायर करने वाली रिवाल्बर आज....|
उसकी जान की दुश्मन रिवाल्बर की गोली इसी दिन की घात लगाये बैठी थी| आज वह सफल हो इठला रही थी पर घर में मातम पसर गया था|

++ सविता मिश्रा ++

6 comments:

सुशील कुमार जोशी said...

बढ़िया ।

madhu singh said...

very nice

Digamber Naswa said...

इसलिए कहते हैं छोटी छोटी बातों पे ध्यान नहीं देना चाहिए ...
और खतरनाक चीज़ों से खेलना नहीं चाहिए ...

Savita Mishra said...

सुशील भैया सादर नमस्ते ...........आभार

Savita Mishra said...

मधु sis आभार apka

Savita Mishra said...

दिगम्बर भैया सादर नमस्ते ...........आभार