Saturday, 18 April 2015

~निरादर का बदला~~

"दिख रहीं हैं न चाँद सितारों की खूबसरत दुनिया |" आकाश में अदिति को टेलेस्कोप पर उसके शिक्षक दिखातें हुये बोलें |
"देखो जो ये सात ग्रह पास पास हैं , वो 'सप्त ऋषि' हैं और जो सबसे अधिक चमक दार तारा उत्तर में हैं , वह 'ध्रुव तारा' | जिसने अपने निरादर का बदला, तप करके सर्वोच्च स्थान को पा कर लिया | "
"सर हम अपने निरादर का बदला कब लें पाएंगे ?
हर क्षेत्र में दबदबा कायम कर चुकें हैं फिर भी ध्रुव क्यों न बनें अब तक । " झुका सर उठाते हुये बोली
शिक्षक का गर्व से उठा सर झुक सा गया ।.....सविता

2 comments:

Upasna Siag said...

bahut sahi prshn kiya ....bahut sundar

रचना दीक्षित said...

सचमुच दिल कि गहराइयों से लिखा है